Sunday, March 9, 2025

भारत में YouTube की बड़ी कार्रवाई: अक्टूबर-दिसंबर 2024 में 29 लाख वीडियो हटाए



यूट्यूब ने हाल ही में अपनी कम्युनिटी गाइडलाइंस एनफोर्समेंट रिपोर्ट जारी की है, जिसमें खुलासा हुआ है कि अक्टूबर से दिसंबर 2024 के बीच भारत से 29 लाख (2.9 मिलियन) से अधिक वीडियो को प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया। यह आंकड़ा पिछली तिमाही की तुलना में 32% अधिक है। भारत लगातार चौथे साल वैश्विक स्तर पर सबसे ज्यादा वीडियो हटाने वाले देशों की लिस्ट में टॉप पर बना हुआ है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, हटाए गए वीडियो का मुख्य कारण स्पैम, मिसइन्फॉर्मेशन, उत्पीड़न, और बाल सुरक्षा नियमों का उल्लंघन बताया गया है।    

क्यों हटाए जा रहे हैं इतने वीडियो? YouTube ने बताई ये वजहें

यूट्यूब के अनुसार, ऑटोमेटेड कंटेंट मॉडरेशन टूल्स ने 99.7% वीडियो को अपने आप चिह्नित किया, जो कम्युनिटी गाइडलाइंस का उल्लंघन कर रहे थे। इनमें से अधिकतर केस में स्पैम और स्कैम कंटेंट (81.7%) प्रमुख कारण थे। अन्य मुख्य वजहें थीं:

* उत्पीड़न संबंधी कंटेंट (6.6%)

* बाल सुरक्षा नियमों का उल्लंघन (5.9%)

* हिंसक या ग्राफिक मटीरियल (3.7%)

इसके अलावा, यूट्यूब  ने 48 लाख (4.8 मिलियन) चैनल्स को स्पैम और फर्जी अकाउंट्स के आरोप में परमानेंटली बंद कर दिया।

भारत के बाद ब्राजील दूसरे नंबर पर, लेकिन क्यों?

वैश्विक स्तर पर, भारत के बाद ब्राजील दूसरे स्थान पर है, जहाँ 10 लाख (1 मिलियन) से अधिक वीडियो हटाए गए। इसकी प्रमुख वजह व्यावसायिक स्पैम, नफरत भरे भाषण, और कॉपीराइट उल्लंघन बताए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका, इंडोनेशिया, और वियतनाम भी टॉप-5 देशों में शामिल हैं।

यूट्यूब का सिस्टम कैसे काम करता है? AI और ह्यूमन मॉडरेटर्स का कॉम्बिनेशन

यूट्यूब ने स्पष्ट किया कि कंटेंट मॉडरेशन के लिए मशीन लर्निंग आधारित टूल्स का इस्तेमाल किया जाता है, जो सेकंड्स में लाखों वीडियो स्कैन करते हैं। हालाँकि, ह्यूमन रिव्यू टीम भी सक्रिय है, जो संवेदनशील मामलों (जैसे बाल सुरक्षा या हिंसा) की जाँच करती है। कंपनी का दावा है कि 93% हटाए गए वीडियो पर एक से ज्यादा बार एक्शन लिया गया, यानी यूजर्स ने बार-बार गाइडलाइंस तोड़ी।

क्रिएटर्स को क्या करना चाहिए? यूट्यूब पॉलिसी से बचने के 5 टिप्स

1. स्पैम और क्लिकबेट से दूर रहें: ऐसी थंबनेल या टाइटल न बनाएँ जो वीडियो कंटेंट से मेल न खाते हों।

2. कॉपीराइट का ध्यान रखें: बिना परमिशन के म्यूजिक, क्लिप्स, या ट्रेडमार्क इस्तेमाल न करें।

3. हिंसा और नफरत से परहेज: सामुदायिक दिशानिर्देशों में स्पष्ट है कि हेट स्पीच या ग्राफिक कंटेंट टॉलरेट नहीं किया जाएगा।

4. बाल सुरक्षा नियमों का पालन: बच्चों से जुड़ी कंटेंट बनाते समय COPPA और YouTube की पॉलिसीज का सख्ती से अनुपालन करें।

5. कम्युनिटी टैब का सही इस्तेमाल: स्पैम लिंक्स या गलत जानकारी पोस्ट करने से बचें।

कमेंट्स पर भी सख्त नजर: 1.3 अरब कमेंट्स हटाए गए

वीडियो के अलावा, यूट्यूब ने 1.3 बिलियन (130 करोड़) कमेंट्स को भी हटाया या स्पैम के रूप में फ़िल्टर किया। इनमें से अधिकतर ऑटोमेटेड सिस्टम द्वारा चिह्नित किए गए थे। क्रिएटर्स के पास यह विकल्प है कि वे फ़िल्टर किए गए कमेंट्स को रिव्यू करके मैन्युअलली अप्रूव कर सकें।

क्या यह सेंसरशिप है? एक्सपर्ट्स की राय

डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर कंटेंट मॉडरेशन को लेकर सेंसरशिप के आरोप लगते रहे हैं। हालाँकि, YouTube का कहना है कि उनकी नीतियाँ पारदर्शी और वैश्विक हैं। साइबर लॉ एक्सपर्ट अनिल कुमार के मुताबिक, "भारत जैसे बड़े मार्केट में फेक न्यूज और स्पैम का खतरा ज्यादा है। प्लेटफॉर्म्स के लिए यूजर्स की सुरक्षा और क्रिएटिव फ्रीडम के बीच बैलेंस बनाना चुनौतीपूर्ण है।"

भविष्य क्या holds है? 2025 में यूट्यूब की नई रणनीति

यूट्यूब ने घोषणा की है कि 2025 में वह AI-आधारित कंटेंट मॉडरेशन को और मजबूत करेगा। साथ ही, क्रिएटर्स के लिए एजुकेशनल प्रोग्राम्स लॉन्च किए जाएंगे, ताकि वे गाइडलाइंस को बेहतर ढंग से समझ सकें। इसके अतिरिक्त, ट्रांसपेरेंसी रिपोर्ट्स को और डिटेल्ड बनाने की योजना है।

निष्कर्ष: क्रिएटर्स के लिए सीख

यूट्यूब पर कंटेंट क्रिएट करना अब सिर्फ वायरल होने के बारे में नहीं, बल्कि प्लेटफॉर्म की नीतियों का सम्मान करने के बारे में भी है। क्रिएटर्स को चाहिए कि वे अपने कंटेंट को सामाजिक जिम्मेदारी के साथ डिजाइन करें और नियमित रूप से यूट्यूब पॉलिसी अपडेट्स चेक करते रहें।

राजेश सिंह

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